छत्तीसगढ़ के किसान सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन के साथ 

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  • विशद कुमार 

दिन ब दिन व्यापक होते किसान आंदोलन अब चौथे महीने में प्रवेश कर चुका है इस अवसर पर अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा (AIKKS) छत्तीसगढ़, ने सिंघु बॉर्डर पर आन्दोलन रत किसानों के साथ सरदार अजीत सिंह और स्वामी सहजानंद सरस्वती को याद कर कृषि के कॉरपोरेटीकरण और संघी फॉसिस्टों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया। क्रांतिकारी अजीत सिंह का जन्म 23 फरवरी 1881 को पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर (वर्तमान) जिले के खटकड़ कलां में हुआ था। अजीत सिंह शहीदे आज़म भगत सिंह के चाचा थे। उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा 1907 में किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ संघर्ष में नेतृत्व किया था। इसी आंदोलन में ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ गीत बहुत लोकप्रिय हुआ था। स्वामी सहजानंद सरस्वती किसान सभा के संस्थापक व प्रथम अध्यक्ष थे। भारत के साम्राज्यवाद-सामंतवाद विरोधी किसान आंदोलन में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है।

आज कॉमरेड तेजराम विद्रोही जो कि अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा (AIKKS)के सचिव हैं, के नेतृत्व में कॉमरेड वशिष्ठ तिवारी (झारखंड AIKKS के संयोजक), कॉमरेड उर्मिला (AIRWO की उपाध्यक्ष), कॉमरेड दीपक (AIKKS उत्तरप्रदेश), कॉमरेड राम रहिस (मध्यप्रदेश AIKKS), प्रेम मानिकपुरी (AIKKS छत्तीसगढ़), कॉमरेड विजेंद्र (RYFI दिल्ली), कॉमरेड मीनू (AIRWO दिल्ली) , कॉमरेड शिशुरंजन (AIRSO दिल्ली) व कॉमरेड तुहीन ( संयोजक RCF) अवसर पर उपस्थित थे। छोटी सी बच्ची विद्या भी सिंघु बॉर्डर पर कॉरपोरेट और मनुवादी हिंदुत्व के नापाक गठजोड़ के खिलाफ जनता के लड़ाकू तेवर को देखकर खुश थी। इस अवसर पर लंदन से आई शोधार्थी लक्ष्मीन्दर, पुराने परिचित मोगा, पंजाब के कॉमरेड अमर सुरजीत सिंह व कीर्ति किसान यूनियन के साथी, पटियाला की जुझारू मां और बेटी किरण दीप व इशविन्दर कौर से पुनः भेंट हुई। लड़ाई का जज्बा और भी मजबूत हुआ है।

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