ग्रामीणों की मौत का जिम्मेवार बिजली विभाग को बनाया

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जमशेदपुर : आज 14 जून को झारखंड जनतांत्रिक महासभा की एक टीम पिपला गांव पहुँचा। ज्ञात हो कि पिछले दिनों पिपला गांव में 11हजार बिजली के चपेट में आकर गांव के चार लोगों का मृत्यु हो गयी थी।
टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और साथ ही विद्युत विभाग को एक ज्ञापन सौपा।
 महाप्रबंधक झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड बिष्टुपुर जमशेदपुर के नाम दिए गए ज्ञापन में झारखंड जनतांत्रिक महासभा ने लिखा है कि उपरोक्त विषय के संदर्भ में झारखंड जनतांत्रिक महासभा का कहना है कि दिनांक 14 मई 2021 को पिपला ग्राम, थाना एमजीएम, जिला पूर्वी सिंहभूम में पिपला चैकडेम में तीन बच्चे एवं एक वृद्ध महिला नहा रही थी कि चैकडे  के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का तार टूट कर चैकडेम के पानी में गिर गया। इतना हाईली वोल्टेज के तत्काल प्रभाव से नहा रहे उक्त चारों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, वहीं डेम के तट पर खड़ा एक व्यक्ति घायल हो गया। डेम के किनारे पानी पी रही एक दुधारू गाय को भी करंट से घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। उक्त घटना पूरी तरह से बिजली विभाग की लापहरवाही से हुआ है।
उक्त घटना चूंकि बिजली विभाग के लापहरवाही से हुआ है, इसलिए झारखंड जनतांत्रिक महासभा बिजली विभाग को दोषी मानती है।
अतः महासभा बिजली विभाग से मांग करती है।
1. झारखंड स्टेट इलेक्ट्रीशिटी रेगुलेटरी कमीशन एक्ट तहत 5 लाख का मुआवजा पीड़ित परिवार को भुगतना किया जाए।
2. उक्त घटना के लिए उच्च स्तरीय कमिटी बनाकर जांच करते हुए विभाग के दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाय।
3. चूंकि मामला विद्युत विभाग के लापहरवाही के वज़ह से हुआ है इसलिए मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी दी जाए।
4. पूरे जिले में जर्जर तारों को को बदला जाय।
इन मांगों को अगले 15 दिनों के अंदर विद्युत विभाग पूरी करें, अन्यथा झारखंड जनतांत्रिक महासभा आंदोलन में बाध्य होगी। मौके पर टीम में कृष्णा लोहार ,बाबू मानसिंह बेसरा, दीपक रंजीत ,जैकब किस्कू, सुनील हेंम्ब्रम , प्रकाश महतो, सोमनाथ पाडे़या शामिल थे।

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