क्या पीएम केयर्स फंड बिहार और बंगाल चुनाव जीतने की साजिश है?

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पीएम केयर फंड क्या है?
इसे समझने की कोशिश करते हैं मुख्य आयकर आयुक्त एक्सेप्शन दिल्ली से प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार पीएम केयर फंड एक ट्रस्ट है जिसका पैन कार्ड नंबर AAETP3993P है पीएमओ ने यहां 27 मार्च 2020 को एक आवेदन किया समस्त प्रक्रिया पूरी करते हुए उसी दिन 27 मार्च को ही आयकर विभाग ने धारा 80 जी (5)(6) आईटी एक्ट 1961 के तहत इस फंड में प्राप्त डोनेशन को आयकर से मुक्त कर दिया ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन करवाने पैन नंबर लेने व 80g की छूट एक ही दिन में लेने के बाद 31 मार्च 2020 को तुरंत आनन-फानन में मोदी सरकार एक अध्यादेश लाकर इनकम टैक्स एक्ट में बदलाव कर इस पीएम केयर फंड को पीएम नेशनल रिलीफ फंड के बराबर दर्जा दे देती है
अब अहम सवाल यह है कि जब पीएम केयर फंड को आयकर विभाग से 80g इनकम टैक्स एक्ट 1961 के अंतर्गत आयकर का छूट प्रमाण पत्र मिल चुका था तब 31 मार्च 2020 को आयकर एक्ट में बदलाव क्यों करना पड़ा मेरे समझ से पीएम द्वारा लाया गया अध्यादेश 31 मार्च 2020 के अनुसार अब पीएम केयर फंड पहले वाले पीएम नेशनल रिलीफ फंड के बराबर दर्जा प्राप्त कर चुका है क्योंकि अब उसका लेबल 80 आयकर एक्ट में आ चुका है जहां 100% छूट मिलती है बिना किसी लिमिट के आयकर में जबकि पहले 27 मार्च वाले ऑर्डर के अनुसार इस पीएम केयर फंड को सीमित दायरे में छूट हासिल थी क्योंकि वह सेक्शन 80g(5)(6) के अंतर्गत था
अब मूल सवाल यह है कि जब पीएम नेशनल रिलीफ फंड आपदाओं से निपटने हेतु पहले से है तो पीएम केयर फंड चैरिटेबल ट्रस्ट अलग से रातों-रात बनाने की क्या जरूरत आन पड़ी ?
पीएम केयर फंड के मुख्य ट्रस्टी मोदी जी हैं व अन्य ट्रस्टी अमित शाह राजनाथ सिंह निर्मला जो प्रधानमंत्री के कृपा पात्र भाजपा नेता है ट्रस्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि उक्त लोग प्रधानमंत्री व भारत के मंत्री की हैसियत से ट्रस्टी है या व्यक्तिगत ट्रस्ट के ट्रस्टी
प्रधानमंत्री राहत कोष की ऑडिट होती है हर वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होती है लेकिन नए अकाउंट पीएम केयर फंड का कोई लोचा नहीं है ना कोई ऑडिट होगी ना किसी को जवाब देना पड़ेगा
ओ भैया सवाल उठना लाजिमी है कि क्या इस ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन कोरोनावायरस से लड़ कर देश को निजात दिलाने के लिए बनाया गया है या कोरोना के बहाने बिना पूर्व तैयारी के 25 मार्च 2020 को 8 बजे लाक डाउन की घोषणा कर करोड़ों मजलूम मजदूरों की जिंदगी खतरे में डाली गई ताकि उनकी दयनीय दशा देखकर लाखो भले मानस कुछ करना चाहे उस समय उनसे फोन पर चौतरफा प्रचार हो और प्रधानमंत्री द्वारा पैदा की गई आपदा से निपटने का पैसा मोदी ट्रस्ट में जाए
नोटबंदी के दौरान पेटीएम का प्रचार करने वाले प्रधानमंत्री अब खुद का ही ट्रस्ट बना लिए हैं और अब तमाम सरकारी व गैर सरकारी संस्थाएं व सेलिब्रिटी उसका प्रचार करने लगे उक्त पीएम केयर फंड के लिए पैसा जुटाने हेतु भाजपा द्वारा विशेष अभियान चलाकर फोन कॉल व सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अपील की जा रही है भाजपा की आईटी सेल सक्रिय हो गई है व देश विदेशों से पैसा जुटाया जा रहा है भाजपा की प्रदेश इकाइयों को निर्देश जारी किया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा फंड जुटाए फंड जुटाने के लिए प्रत्येक बूथ से कम से कम 5 कार्यकर्ता जोड़े गए हैं जो खुद डोनेट कर अपने बूथ पर कम से कम 10 डोनर बनाएंगे पीएम का कहना है कि यह फंड इसलिए जुटाया जा रहा है कि भविष्य में कोरोना जैसी महामारी या अन्य आपदा के लिए रिसर्च किया जा सके यानी वर्तमान कोरो ना से लड़ने के लिए नहीं उक्त फंड का उपयोग किया जाएगा पीएम अपने मकसद में कामयाब होते दिख रहे हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश दीपक वर्मा ने 51 लाख टाटा ग्रुप ने 500 करोड़ भारती इंटरप्राइजेज ने 100 करोड़ जिंदल पावर एंड स्टील ने 25 करोड़ होंडा इंडिया ने 11 करोड़ होंडा समूह की होंडा इंडिया फाउंडेशन ने 11 करोड़ पावर फाइनेंस कारपोरेशन आईईसी 350 करोड़ जेएसपीएल 25 करोड़ रेलवे कर्मचारियों द्वारा 151 करोड़ आरबी ने 3.2 करोड़ पाउंड सचिन ने 50 लाख सहित अडाणी अक्षय कुमार जैसे तमाम पुराने यार उक्त खाते में दिल खोलकर दान दे रहे
वैसे भाजपा सरकार कि सत्ता में आने के बाद से चुनाव पूर्व आपदाओं के आने का विशेष संयोग रहा है याद हो तो पुलवामा पीड़ितों की सहायता के लिए भी ऐसा ही एक अकाउंट बनाया गया था लेकिन आज तक नहीं पता चला कि उसमें कितना पैसा आया कितना मदद के लिए दिया गया जब देश में सी ए ए एनपीआर व एनआरसी ईवीएम आरक्षण संविधान गरीबी भुखमरी निजी करण व बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार की नाकामी वह पूंजी पतियों की मिलीभगत के खिलाफ आम जन आक्रोश व आंदोलन उभार पर था तब अपनी नाकामी को छुपाने के लिए सरकार ने भारत में कोरोना को आने से रोकने के लिए जब हवाई सीमाओं को सील करना था तब उसने ट्रंप की अगवानी हेतु लाखों लोगों को इकट्ठा कर करोड़ों रुपए बर्बाद किया यस बैंक के पैसों से मध्य प्रदेश की सरकार खरीदी संक्रमित कनिका कपूर को बुलाकर मुजरा करा कर जश्न मनाया राम मंदिर का शिलान्यास कर काम शुरू करवा दिया बिना तैयारी के लॉक डाउन कर आम जनता को भुखमरी के कगार पर छोड़ दिया और रिलीफ के नाम पर ताली व थाली बजाकर रामायण सीरियल देखने के लिए छोड़ दिया और लोगों को इमोशनल ब्लैकमेल कर पैसा जुटाकर बिहार और पश्चिम बंगाल का चुनाव एमएलसी स्नातक शिक्षक स्नातक व पंचायत चुनाव जीत की तैयारी कर रही है अब तो आपको पता चल ही गया होगा कि चौकीदार ही चोर है
ऐसे में पता चलने पर कि सरकार लोगों को कोरोना में झोंक कर आगामी चुनाव हेतु पैसा जुटा रही है और अगर आप लोगों को यह लग रहा है कि इतनी बड़ी व खतरनाक धांधली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए तो आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों से उनकी तनख्वाह काट कर पीएम केयर फंड में भेजने की अपील कर रहा है
अब हम सभी लोगों को मिलकर सोचना है कि चुनाव से पहले प्रायोजित आपदाओं और आपदाओं में लोगों का मरना और मरने पर इमोशनल ब्लैकमेल कर पैसों की लूट और उस लूट से चुनाव बाद भाजपा के जीतने का सिलसिला और कब तक चलेगा यह तय आपको करना है।
प्रेम प्रकाश सिंह यादव एडवोकेट वाराणसी
Mobile – 8887978811

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