कोरोना-काल में मनोदशा और होम्योपैथी चिकित्सा पर हरिशंकर शाही

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इस समय की परिस्थितियों के देखते हुए लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद का पाया जाना एक आम बात है, और हो सकता है कि इसके लिए इलाज़ की ज़रूरत महसूस होते हुए भी लोग इसे ज़रूरी ना मानें या एलोपैथिक दवाइयों को ना लेना चाहें। क्यों इन दवाओं के प्रभावों को लेकर बहुत से भ्रम हमारे समाज में हैं। तो ऐसे में होम्योपैथिक दवाइयाँ आपके लिए मददगार हो सकती हैं, जो दुष्प्रभावों से दूर होते हुए भी काफ़ी असरकारी होती हैं।
आर्सेनिकम एल्बम – यह दवा तनाव और अवसाद के लिए बहुत अच्छी है। होम्योपैथिक की पॉलीक्रस्ट यानी बहुत से रोगों में और शरीर के हर अंग पर काम करने वाली यह दवा बहुत ही अहम स्थान रखती है। इसका मुख्य लक्षण बेचैनी और घबराहट है।

स्ट्रामोनियम – यह दवा मुख्यतः मानसिक लक्षणों पर ही काम करती है। अगर आपको भय हो खास तौर पर मृत्यु का भय और आप हमेशा किसी का किसी का आधार चाहते हों, जैसे भगवान या आपके किसी प्रिय जन का।

हायसकमस – यह दवा भी मानसिक लक्षणों की ही दवा है। और इसके लक्षण स्ट्रोमोनियम से मिलते हैं, अंतर केवल यह होता है कि इस दवा का रोगी अक्सर यौन भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाता है।

नक्स वोमिका – यह दवा होम्योपैथिक की प्रमुख दवा है, इसका असर हर अंग पर होता है। और आजकल की आधुनिक जीवन-शैली से उत्पन्न विकारों के लिए यह दवा बहुत उपयोगी होती है।

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