कॉरोना काल में दिख रही है घबराहट-बेचैनी के साथ-साथ फोबिया की समस्या भीः मनोचिकित्सक

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कोरोना ने पूरी दुनिया को एक अंधकार के भँवर में डाल दिया है। जिस तरह से अलग-अलग जगहों से कोरोना को लेकर खबर आ रही है। खासकर कुछ बीमारियाँ जो मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित हैं, उनमें और ज्यादा वृद्धि देखने को मिल रही है। वैसे ओसीडी (ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसआर्डर) से लोग गुजर रहे हैं तथा घबराहट बेचैनी के साथ-साथ फोबिया की समस्या भी देखने को मिल रही है। आज हम इन्हीं पहलुओं पर चर्चा करेंगे। एंग्जाइटी के कुछ प्रमुख लक्षण हैः
1. भविष्य के बारे में बार-बार सोचकर घबराहट और बेचैनी का होना
2. धड़कन का बढ़ना

3. उत्तेजित होना सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम के बढ़ने की वजह से पसीना आना, धड़कन का बढ़ना, काँपना, मुँह सूखना शुरू हो जाता है।
4. अत्यधिक थकान होना, नींद न आना, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना, चिड़चिड़ापन होना, मांसपेशियों में तनाव आदि लक्षण एंग्जाइटी में देखने को मिल सकते हैं।
ओसीडी के लक्षण
यह जानते हुए भी कि यह विचार गलत है उसको रोक न पाना।
बार-बार एक ही विचार का आना तथा ऐसा करने में बाध्य होना
2. अत्यधिक सफाई करना
3. गिनती करना
4. बार-बार किसी चीज को चेक करना, जैसे कि गैस की नॉब, कुंडी आदि
5. गंदगी से डरना, शंका का होना कि बुरा हो जाएगा
6. कीटाणुओं, गंदगी आदि के संपर्क में आने या दूसरों को दूषित कर देने का डर
7. किसी चीज को भाग्यशाली या दुर्भाग्यशाली मानने का अंधविश्वास।
फोबिया के लक्षण
फोबिया एक प्रकार का रोग है, इससे इंसान में किसी खास वस्तु कार्य एवं परिस्थिति के प्रति भय उत्पन्न हो जाता है
एक तरह का अतार्किक भय होता है जैसे बेचैनी पसीना आना सिर में भारीपन चक्कर आना दिल की धड़कन का बढ़ना आदमी ऊपर दिए गए तीनों रोगों के लक्षण करुणा से उत्पन्न हो सकता है तनाव की वजह से ज्यादातर लोगों में किसी अज्ञात चीज को लेकर चिंता होती है माइक्रो लेवल पर करुणा का दर भी यही कर रहा है ऐसे में सवाल उठता है अपने मेंटल हेल्थ का ख्याल कैसे रखा जाए आप नीचे दिए गए टिप्स निम्नलिखित तरीके को अपनाकर अपना मेंटल हेल्थ का ख्याल रख सकते हैं
सोशल मीडिया से ब्रेक नहीं आजकल सब के पास मोबाइल होने के कारण सभी लोग सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं और बहुत बार गए प्रमाणित फालतू की चीजें आपके दिमाग पर बुरा प्रभाव डालती हैं अतः आपसे निवेदन है कि किस अकाउंट पर जाना है किस पर नहीं इस बात को ध्यान में रखें
सीमित समय तक ही सोशल मीडिया का उपयोग करें दो अपने हाथों को बार-बार दोहे पर बहुत अधिक नहीं ओसीडी से ग्रसित लोगों में करुणा का दर बहुत अधिक समा गया है अतः जिनको ओसीडी है वह बताए गए समय तक ही हाथ धोने की प्रक्रिया करें फिजिकली दूर रहे पर परंतु लोगों से फोन और अन्य तरह से वीडियो कॉलिंग स्काइप आदि से जुड़े रहे किताब पढ़े अत्यधिक थकान से बचें दिमागी स्वास्थ्य के लिए जैसे मुमकिन हो प्रकृति से जुड़े रहे जैसे धूप की रोशनी में जाएं योग करें खूब पानी पिए और सेहतमंद खाना खाएं जैसे कोई नकारात्मक अनिश्चितता दिमाग में आती हो तो स्वयं से सवाल करें क्या यह सोच मुझे ठीक होने या लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर रही है यदि नहीं तो वहां से ध्यान हटाकर किसी दूसरे कार्य में लग जाएं जिससे ध्यान बंटा रहे
वायरस से संबंधित कोई भी खबर बार-बार या अधिक पढ़ने से पैनिक अटैक का खतरा बढ़ सकता है बहुत सारी भ्रामक सूचनाएं इस वक्त घूम रही हैं और भरोसेमंद या सरकार द्वारा दी गई सूचनाओं को ही पढ़ें।
डॉ. लक्ष्मण यादव, साइकोलॉजिस्ट, बीएचयू

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