अनुबंध कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधि मंडल वित्तमंत्री को सौपा ज्ञापन

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  • विशद कुमार

झारखण्ड राज्य अनुबन्ध कर्मचारी महासंघ, झारखण्ड केंद्रीय समिति के संयुक्त सचिव सुशील कुमार पांडेय के नेतृव में एक प्रतिनिधि मंडल द्वारा रामेश्वर उरांव वित्त मंत्री, झारखण्ड सरकार से मुलाकात कर महासंघ के 40 संघठनों की समस्याओं, मांगों औऱ उसके समाधान पर विस्तार से अपनी बातें रखीं गयी। अवसर पर मंत्री ने आश्वत किया कि देर जरूर हो रही है, मगर सरकार आपकी मांगो के प्रति गम्भीर है और इसके समाधान के लिए प्रक्रिया जारी है।


आज के इस मुलाकात में निन्नलिखित बातों को विस्तृत रूप से मंत्री के समक्ष रखा गया, जिसमें
पहला – आंदोलन रत 14वें वित्त, घण्टी आधारित अनुबंध / संविदा विश्वविद्यालय प्राध्यापक संघ की मांगो पर अविलम्ब विचार करने पर बल दिया गया।
दूसरा – मनरेगा कर्मचारियों की हडताल अवधि के दौरान हुए मांगों पर समझौते की पूर्ति किया जाए तथा PIA ने नाम से मनरेगा में प्रस्तावित एजेंसी को रद्द की जाए।
तीसरा –  राज्य के आसन्न सभी बहालियों में अनुबन्ध कर्मियों के लिए 10 वर्षो की उम्र सीमा में छूट सहित 50% विभागीय और 25% समस्त नियुक्तियों में आरक्षण दी जाए।
चौथा – राज्य के समस्त संविदा कर्मियों के लिए HR policy, भविष्य सुरक्षा, बीमा अनुकम्पा और स्थायी कर्मियों के समान देय सभी सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।
पांचवां- कर्मियों की समस्याओं के समाधान, विसंगति सुधार और नियमितिकरण के लिए बनी उच्च स्तरीय कमिटी में महासंघ के हितार्थ संघर्षरत नेताओं को सदस्य बनाने और तय समय सीमा के अंदर सबों की मांगों पूर्ति की जाए।
इसी क्रम में विधायक श्रीमती दीपिका सिंह से भी श्री पांडेय ने मुलाकात कर महासंघ की  समस्याओं को रखा और विगत 22 जनवरी को 14 वें वित्त कर्मियों (संविदा कर्मियों) पर हुई लाठीचार्ज पर नाराजगी व्यक्त की गई और अनुरोध किया गया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए विशेष ध्यान रखा जाए।
श्री पांडेय ने संविदा प्राध्यापकों की मांगों को भी अविलंब पूरा कर उनके आंदोलन को सम्मान जनक समझौते के साथ समाप्त  करने का अनुरोध किया औऱ कहा कि शिक्षक जैसे सम्मानित विद्वत जन इस ठंड में सत्याग्रह पर बैठे हैं, उनका ख्याल रखना जरूरी है।
उन्होंने पारा शिक्षकों के सुलगते सवालों से अवगत कराते हुए सकारात्मक द्विपक्षीय वार्ता कर nc लगे लम्बे समय से मानदेय बन्द पारा शिक्षकों का मानदेय भुगतान करने, सर्व हितैषी नियमावली बनाकर पारा शिक्षकों को ‘समान काम समान वेतन’ और नियमितीकरण के लाभ देने का अनुरोध किया गया। अवसर पर कहा गया कि लोक कल्याणकारी सरकार के लिए लाठीचार्ज औऱ उग्र आंदोलन शुभ संकेत नहीं है। सरकार को सुलगते जन आक्रोश के उचित समाधान पर ध्यान देना चाहिए। अवसर पर डॉ राजेश ने कहा कि राज्य में समाज कल्याण बाल संरक्षण, मनरेगा पारा शिक्षकों 14वें वित्त, विश्व विद्यालय अनुबन्ध शिक्षकों के समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान किया जाए।
इस अवसर पर डॉ राजेश कुमार दास, महेश सोरेन, अमर राम, दिलीप चाँद औऱ दिवाकर राम सहित कई अनुबन्ध कर्मी मौजूद थे।
बताते चलें कि सेवा अवधि विस्तार करने की मांग को लेकर संविदा कर्मी 25 दिसंबर से रांची के बिरसा चौक पर धरनारत हैं। पिछले 22 दिसंबर को जब वे अपनी मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने के लिए सीएम आवास जा रहे थे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन संविदा कर्मी आगे बढ़ने लगे। जिसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में कई कर्मी घायल हुए। लाठीचार्ज के साथ पुलिस ने आंदोलनकारियों के टेंट को भी ध्वस्त कर दिया है। लाठीचार्ज में कई लोगों को गंभीर चोट भी आईं। किसी कर्मी का पैर टूटा, तो किसी के सर पर चोट लगी, इसके अलावा कुछ महिलाएं घायल भी हुईं। लाठीचार्ज के दौरान बिरसा चौक पर भगदड़ मच गई।
उल्लेखनीय है कि14 वें वित्त आयोग की अवधि 30 दिसंबर को समाप्त हो गई है, 15वें वित्त आयोग की शुरूआत हो गई है। अत: 14वें वित्त आयोग में अनुबन्ध कर्मियों यानी  संविदा कर्मियों को जिनकी संख्या पूरे राज्य में 1600 के करीब है, जिसमें कनीय अभियंता और कम्प्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं, जिनके कार्य काल को सरकार समाप्त कर रही है। ये संविदा कर्मी अपने 14वें वित्त का विस्तार चाहते हैं और इन्हीं मांगों को लेकर पिछले 25 दिसंबर से आन्दोलन रत हैं।

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