अतिथि शिक्षक संघ ने वेतन को लेकर किया वर्चुअल प्रोटेस्ट

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कल अतिथि शिक्षक संघ के आव्हान पर दिल्ली विश्वविद्यालय के गेस्ट टीचर्स द्वारा सोशल मीडिया पर खासकर ट्विटर पर #डीयू_प्रशासन_वेतन_दो के हैशटैग से ट्रेंड कराया गया। इन शिक्षकों ने NCWEB (नाॅन काॅलेजिएट वूमेंस एजुकेशन बोर्ड) और SOL (स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग) के खिलाफ यह रोष प्रकट किया। शिक्षकों की लगातार यह शिकायत रही है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के इन दोनों ही संस्थानों में शिक्षकों को कभी भी समय पर वेतन नहीं दिया जाता। करीब एक वर्ष से भी अधिक समय बीत गया लेकिन उन्हें अभी तक उनकी सैलरी नहीं दी गई। शिक्षकों की नाराज़गी इस बात को लेकर भी है कि NCWEB ने मनमाने और गैरकानूनी ढंग से शिक्षकों के वेतन में से 500 रुपय प्रति कक्षा की कटौती की और वह भी अभी तक नहीं दी गई। आपको बता दें कि इन गेस्ट टीचर्स को 1500 रुपय प्रति क्लास के हिसाब से वेतन दिया जाता है।

आरती रानी प्रजापति ट्विटर पर लिखती हैं, हमसे उम्मीद की जाती है कि वक्त पर क्लास लें, पेपर चैक करें और सभी ड्यूटी पूरी करें लेकिन के नाम पर कोई उम्मीद न करे। वे अतिथि शिक्षक संघ की अध्यक्ष भी हैं। वहीं धारा भुकरावली लिखते हैं, लानत है @Univofdelhi के प्रशासन पर जो अतिथि शिक्षक को बंधुआ मजदूर से बदतर समझता है।  और रवि कोली अपने ट्विटर हैंडल से लिखते हैं, आप अपनी मर्जी से वेतन कटौती करोगे, और वेतन का भुगतान भी अपनी मर्ज़ी से साल-दो-साल में करोगे, उस पर भी आप चाहते हैं कोई शिक्षक वेतन की डिमांड न करें और विरोध-प्रदर्शन तो कतई नहीं!! आप शिक्षकों को भी गुलाम बना कर गुलाम पीढ़ी तैयार करना चाहते हैं? सुयश मौर्या सहित सैकड़ों शिक्षक इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल थे। इन शिक्षकों की अनेक मांगों में से एक मांग यह थी कि उन्हें माह के अंत में वेतन दिया जाए ताकि उन्हें मानसिक समस्या से न जूझना पड़े। अतिथि शिक्षक संघ की ओर से यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी समस्याओं को जल्द हल नहीं निकाला जाता तो वे आगामी 24 मार्च के दिल्ली विश्वविद्यालय में एक बड़ा प्रोटेस्ट करेंगे।

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